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उद्योगपतियों को मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा
कोलकाता। बंगाल में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और कारोबारियों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। श्याम स्टील के नए संयंत्र के शिलान्यास समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि अब राज्य में उद्योगों के संचालन के दौरान किसी भी तरह की गुंडागर्दी, सिंडिकेट राज, कटमनी या जबरन वसूली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि यदि किसी ने भी फैक्ट्री के गेट पर ताला लगाने की कोशिश की तो उसे सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी, और यदि किसी ने फैक्ट्री का गेट तोड़ा तो उससे नुकसान की तीन गुना भरपाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य में निवेश की राह देख रहे उद्योगपतियों को एक बड़ा सुरक्षा कवच और भरोसा दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वाम दल के 34 वर्षों के शासन में बंगाल ने उद्योगों की तालाबंदी, श्रमिकों की बेरोजगारी और बड़े पैमाने पर युवाओं का पलायन जैसी त्रासदियां झेलीं, जबकि तृणमूल के दौर में भी औद्योगीकरण की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि अब राज्य विकास और निवेश के एक बिल्कुल नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां नो सिंडिकेट, नो कटमनी और नो उगाही की नीति को पूरी सख्ती से धरातल पर उतारा जा रहा है। अब लाइसेंस मिलने के बाद नगर निकायों या पंचायतों में होने वाली किसी भी तरह की अवैध वसूली और प्रशासनिक बाधाओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने साफ किया है कि उसका ध्यान केवल निवेश के आंकड़ों पर नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले वास्तविक रोजगार पर केंद्रित है। सरकार की नई प्रोत्साहन नीतियां अब इस बात से तय होंगी कि कोई भी औद्योगिक परियोजना राज्य के कितने युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि बंगाल अब अपनी पुरानी आर्थिक आपदा के दौर से बाहर निकलकर उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार कर चुका है, जिससे आने वाले दिनों में सूबे के भीतर रोजगार और विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय शुरू होने जा रहा है।